चेक बाउंस का नोटिस मिला है? जवाब कैसे दें और आपके पास क्या विकल्प हैं
बाउंस हुए चेक पर धारा 138 का क़ानूनी नोटिस मिला है? नोटिस का मतलब, 15 दिन की अवधि, जवाब देना है या नहीं और कैसे, बचाव के आम आधार, और केस दायर होने पर क्या होता है।
इन मामलों में कानूनी पैरवी: ऑनलाइन फ्रॉड फ्रीज़ बैंक खाता चेक बाउंस धारा 138 की शिकायत ज़मानत की अर्ज़ी
Adv. Dinesh Sharma, अधिवक्ता का चैंबर। गुरुग्राम की ज़िला अदालतों में शिकायत, FIR, ज़मानत, ट्रायल और अपील।

Adv. Dinesh Sharma
अधिवक्ता · Enrolment No. D/11045/2021
24 घंटे खुला, सातों दिन
पिछले कुछ घंटों में ऑनलाइन पैसे गए हैं? सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें, और अपने बैंक को बताएँ। जल्दी शिकायत करने से पैसा रोके जाने (होल्ड होने) की सबसे अच्छी संभावना रहती है।
30दिन
चेक बाउंस होने के बाद डिमांड नोटिस भेजने के लिए
15दिन
नोटिस मिलने के बाद चेक देने वाले को भुगतान के लिए
1महीना
उसके बाद धारा 138 की शिकायत दायर करने के लिए
1930
राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन — फ्रॉड की जल्दी शिकायत के लिए
01प्रैक्टिस क्षेत्र
उन लोगों के लिए जिनके ऑनलाइन पैसे गए हैं या जिन्हें ऑनलाइन परेशान किया जा रहा है, और उनके लिए भी जिन पर IT एक्ट या BNS के तहत आरोप है।
परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI एक्ट) की धारा 138 के मामले — चेक पाने वाले और चेक देने वाले, दोनों की ओर से।
02प्रक्रिया
कॉल करें या WhatsApp पर संक्षेप में बताएँ कि क्या हुआ।
बैंक स्टेटमेंट, स्क्रीनशॉट, चेक और रिटर्न मेमो, और कोई भी नोटिस या शिकायत।
तथ्यों को देखकर कानूनी विकल्प, समय-सीमा और खर्च समझाए जाते हैं।
नोटिस, शिकायत और ज़मानत की अर्ज़ी तैयार कर कोर्ट में बहस की जाती है।
03आम सवाल
केवल सामान्य जानकारी। हर मामला अपने तथ्यों पर निर्भर करता है।
1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें, बैंक को बताएँ, और स्क्रीनशॉट, ट्रांज़ैक्शन ID तथा इस्तेमाल हुए नंबर या UPI ID संभालकर रखें। चैट डिलीट न करें।
बैंक का रिटर्न मेमो मिलने के 30 दिन के अंदर डिमांड नोटिस भेजना ज़रूरी है। फिर चेक देने वाले के पास भुगतान के लिए 15 दिन होते हैं, उसके बाद एक महीने के अंदर शिकायत दायर करनी होती है।
पहले पता करें कि किस थाने या साइबर सेल ने, किस मामले में खाता फ्रीज़ करवाया है। फिर लेन-देन समझाने वाले कागज़ात के साथ जाँच एजेंसी या कोर्ट से खाता खुलवाने की कार्रवाई की जाती है।
पहचान पत्र, बैंक स्टेटमेंट, स्क्रीनशॉट, कोई भी नोटिस या FIR की कॉपी, और चेक के मामले में असली चेक, रिटर्न मेमो और उधार/लेन-देन का सबूत।
04लेख
बाउंस हुए चेक पर धारा 138 का क़ानूनी नोटिस मिला है? नोटिस का मतलब, 15 दिन की अवधि, जवाब देना है या नहीं और कैसे, बचाव के आम आधार, और केस दायर होने पर क्या होता है।
चेक बाउंस का केस समय पर भेजे गए सही डिमांड नोटिस पर टिका होता है। नोटिस में क्या लिखा हो, कैसे भेजें, समय-सीमाएँ, और वे आम ग़लतियाँ जो केस बिगाड़ सकती हैं।
साइबर क्राइम शिकायत की वजह से बैंक खाता फ्रीज़ हो गया? जानिए ऐसा क्यों होता है, क्या इससे आप आरोपी बन जाते हैं, और खाता खुलवाने की क़दम-दर-क़दम प्रक्रिया।
3RD FLOOR KRISHNA MANSION CIVIL LINES GURUGRAM · 24 घंटे खुला, सातों दिन